खूबसूरत है उसकी आँखें, या फिर नजरिया मेरा,
खेर छोड़ो, तारीफ़ तो आखिर उसी की है।
Wednesday, 31 May 2017
Tuesday, 30 May 2017
Saturday, 20 May 2017
दिल को लगता हैं। क्या क्या ??
अब मेरी साँसो में समाई भी बोहोत लगती है,
ताज्जुब ये हैं के पराई भी बोहोत लगती है,
इसी काशमश में करता रहा प्यार मैं उसको,
वो मेरे ख्वाबो की परछाई भी बोहोत लगती है।
Saturday, 13 May 2017
काश
तेरी आँखो से मैं काजल चुरा लेता तो अच्छा था,
तेरी बातों मे मैं मिसरी मिला देता तो अच्छा था,
तेरे होने से ज्यादा दूर जाने ने सताया है,
मेरे जो दिल में था तुझ को बता देता तो अच्छा था।
Wednesday, 10 May 2017
शेर
आओ जन्न्त को जमीं पर लाते है कहीं,
अपनी मोहब्बत को आसमानी बनाते है कहीं,
और चाँद तारों पर तो मकां सब ने बना लिया,
आओ धरती पर घर बनाते है कहीं।
Subscribe to:
Posts (Atom)
हिचकी
ये जो सुना है मैंने गर सच है तो, हिचकियाँ बोहोत परेशां करती होंगी उसको।
-
कर भी लेंगे गर फ़तेह ऊँचे पहाड़ को हम, क्यूँ प्यार फिर भी तेरा मुश्किल नज़र आया। लेखक-रिशी गोयल