Tuesday, 27 February 2018

छीन लिया

एक हुनर था मुझमे, वो भी उसने छीन लिया,
सोच पे मेरी पर्दा डाला, और कलम को छीन लिया,
हर वक़्त भटकता रहता हूँ कुछ लिखने को कुछ पढ़ने को,
आँखों का जादू छीन लिया, लिखने का जज्बा छीन लिया।

Friday, 23 February 2018

शेर

बातों में थी बात जो अक्सर बातों में ना कही गयी,
ख़ामोशी में बात थी जो तुमसे ना कभी सुनी गयीं।

हिचकी

ये जो सुना है मैंने गर सच है तो, हिचकियाँ बोहोत परेशां करती होंगी उसको।