मेरा हो कर भी जो मेरा ना हुआ,
कोई और नही वो तू हुआ,
सरे बाज़ार उछाल दी मेरी इज़्ज़त तूने,
सिक्का भी तेरा था और विजय भी तू हुआ।
Sunday, 24 June 2018
दर्द
Friday, 15 June 2018
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हिचकी
ये जो सुना है मैंने गर सच है तो, हिचकियाँ बोहोत परेशां करती होंगी उसको।
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कर भी लेंगे गर फ़तेह ऊँचे पहाड़ को हम, क्यूँ प्यार फिर भी तेरा मुश्किल नज़र आया। लेखक-रिशी गोयल