मेरा हो कर भी जो मेरा ना हुआ, कोई और नही वो तू हुआ, सरे बाज़ार उछाल दी मेरी इज़्ज़त तूने, सिक्का भी तेरा था और विजय भी तू हुआ।
ये जो सुना है मैंने गर सच है तो, हिचकियाँ बोहोत परेशां करती होंगी उसको।
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