Saturday, 22 April 2017

शेर

यूँ इस कदर पास न आया करो,
महफ़िलो में धड़कने न बढ़ाया करो,
और प्यार हूँ तुम्हारा कुछ तो ख्याल करो,
यूँ  ऐरें-गैरों से दिल न लगाया करो।

Sunday, 9 April 2017

शेर

दिखते है ज़ख्म जिस्म के, लेकिन दिल वालो का क्या?
दिखाई है कारीगरी जिनको बनाने में तूने।

Sunday, 2 April 2017

शेर

किसने कहा क़यामत का दिन बरसो बाद आएगा,
अभी-अभी तो छोड़कर गयी है वो मुझको।

हिचकी

ये जो सुना है मैंने गर सच है तो, हिचकियाँ बोहोत परेशां करती होंगी उसको।