कुछ शेरो से नवाज़ दे मुझे मेरे मौला, बोहोत दिनों से उसे बेवफा नही कहा है।
ये जो सुना है मैंने गर सच है तो, हिचकियाँ बोहोत परेशां करती होंगी उसको।