मेरे ना सही, खुदा के वास्ते बता दे,
और कितना मरू तुझे जीने के लिए।
Tuesday, 15 August 2017
Sunday, 13 August 2017
Subscribe to:
Posts (Atom)
हिचकी
ये जो सुना है मैंने गर सच है तो, हिचकियाँ बोहोत परेशां करती होंगी उसको।
-
कर भी लेंगे गर फ़तेह ऊँचे पहाड़ को हम, क्यूँ प्यार फिर भी तेरा मुश्किल नज़र आया। लेखक-रिशी गोयल