मेरे ना सही, खुदा के वास्ते बता दे, और कितना मरू तुझे जीने के लिए।
ये जो सुना है मैंने गर सच है तो, हिचकियाँ बोहोत परेशां करती होंगी उसको।
No comments:
Post a Comment