Tuesday, 29 May 2018

सितारा टूट सकता है

कल-कल बेहते दरिया से किनारा रूठ सकता है,
जिस्म से मेरे साँसों का सहारा छूट सकता है,
गर तुम चली गयी हाथो से मेरे हाथ छुड़ा कर के,
हमारे साथ देखे सपनो का सितारा टूट सकता है।

Sunday, 27 May 2018

शेर

मेरी कोशिश थी इतनी बस सिमट जाऊ मैं तुझ में ही,
तेरी कोशिश थी इतनी बस के खंज़र घोंप दिया जाये।

Wednesday, 23 May 2018

शेर

इश्क़ में बैठे-बैठे गम कर रहा हूँ मैं,
शायद उस पर नही खुद पर सितम कर रहा हूँ मैं,
अब भी उसकी बस्ती में आना जाना है,
उसको लगता है जैसे प्यार कम कर रहा हूँ मैं।

Wednesday, 16 May 2018

शेर

कौन कितना पानी में है, कौन कितना दलदल में,
वक़्त के रहते सब के चेहरे निखर-निखर के आयेंगे।

Sunday, 13 May 2018

शेर

मेरी मोहब्बत को आसान ना समझा जाये,
पागल हूँ इश्क़ में, हैवान ना समझा जाये,
फूल बदलते रहेंगे मेरे अंदर से,
मुझको ऐसा गुलदान ना समझा जाये।

हिचकी

ये जो सुना है मैंने गर सच है तो, हिचकियाँ बोहोत परेशां करती होंगी उसको।