मेरी मोहब्बत को आसान ना समझा जाये, पागल हूँ इश्क़ में, हैवान ना समझा जाये, फूल बदलते रहेंगे मेरे अंदर से, मुझको ऐसा गुलदान ना समझा जाये।
ये जो सुना है मैंने गर सच है तो, हिचकियाँ बोहोत परेशां करती होंगी उसको।
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