ये जो सुना है मैंने गर सच है तो,
हिचकियाँ बोहोत परेशां करती होंगी उसको।
हाल-ए-दिल
Thursday, 6 September 2018
Tuesday, 3 July 2018
Sunday, 24 June 2018
दर्द
मेरा हो कर भी जो मेरा ना हुआ,
कोई और नही वो तू हुआ,
सरे बाज़ार उछाल दी मेरी इज़्ज़त तूने,
सिक्का भी तेरा था और विजय भी तू हुआ।
Friday, 15 June 2018
Tuesday, 29 May 2018
सितारा टूट सकता है
कल-कल बेहते दरिया से किनारा रूठ सकता है,
जिस्म से मेरे साँसों का सहारा छूट सकता है,
गर तुम चली गयी हाथो से मेरे हाथ छुड़ा कर के,
हमारे साथ देखे सपनो का सितारा टूट सकता है।
Sunday, 27 May 2018
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हिचकी
ये जो सुना है मैंने गर सच है तो, हिचकियाँ बोहोत परेशां करती होंगी उसको।
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कर भी लेंगे गर फ़तेह ऊँचे पहाड़ को हम, क्यूँ प्यार फिर भी तेरा मुश्किल नज़र आया। लेखक-रिशी गोयल