मेरी कोशिश थी इतनी बस सिमट जाऊ मैं तुझ में ही, तेरी कोशिश थी इतनी बस के खंज़र घोंप दिया जाये।
ये जो सुना है मैंने गर सच है तो, हिचकियाँ बोहोत परेशां करती होंगी उसको।
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