आइने पे गिरकर खुर्शीद ने रौशनी तमाम कर दी, काले सायो का राज़ था धरती पर ख़ुदा से पहले।
खुर्शीद- सूरज
ये जो सुना है मैंने गर सच है तो, हिचकियाँ बोहोत परेशां करती होंगी उसको।
No comments:
Post a Comment