Sunday, 13 August 2017

राहत-ए-दिल

टूटी पत्ती गुलाब की देखी तो चैन आया,
है कोई और भी टूटा हुआ न केवल मेरा साया।

1 comment:

हिचकी

ये जो सुना है मैंने गर सच है तो, हिचकियाँ बोहोत परेशां करती होंगी उसको।