खाना पीना छोड़ के बैठे है हम जिसे मनाने मे, कितनी आफत आती उसको निवाला एक खिलाने मे।
ये जो सुना है मैंने गर सच है तो, हिचकियाँ बोहोत परेशां करती होंगी उसको।
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